टिहरी के आशीष ने बनाया मिट्टी का पॉली हाउस

0
402

टिहरी गढ़वाल में जौनपुर ब्लॉक के बंगसील गांव निवासी आशीष गौड़ आजकल अपने अनोखे प्रयोग को लेकर चर्चा में हैं। एसजीआरआर, पी,जी, कॉलेज देहरादून में बीएससी कृषि विज्ञान तृतीय वर्ष के छात्र आशीष का प्रयोग सफल रहा तो खेती किसानी में ये एक बड़ी क्रांति होगी ।
अब तक आपने पॉली हाउस का नाम सुना होगा, लेकिन कृषि क्षेत्र में नई खोज करते हुए आशीष
ने मृदा ग्रीन हाउस बनाया है। आशीष का दावा है कि यह अपनी तरह का दुनिया में पहला प्रयोग है। जिसे उन्होंने मृदा ताप नियंत्रक का नाम दिया है। इसे एक तार के ढांचे की मदद से पॉलीहाउस जैसा आकार देकर बनाया गया है। आशीष बताते हैं कि उन्होंने इस शोध पर वर्ष 2014 में कार्य शुरू किया था। इस बीच वे सैकड़ों बार विफल भी हुए। उन्होंने किसी तरह पैसों को इंतजाम कर इसके लिए जरूरी चीजें जुटाईं। आखिरकार 4 वर्षों के लम्बे अंतराल के बाद उन्हें सफलता मिली। आशीष बताते हैं कि इस ताप नियंत्रक को बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि गरीब किसानों को भी पॉलीहाउस जैसी सुविधा सस्ती दरों में उपलब्ध हो सके। किसान बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन कर सकें।
इस मृदा ग्रीन हाउस की खास बात यह है कि इसमें गर्मियों के मौसम में सर्दियों की फसलें और सर्दियों में गर्मियों की फसलें उगाई जा सकती हैं, जिससे कि किसान को फसलों के अच्छे दाम मिलेंगे और लोगों को बेमौसम की फसलों (सब्जियों) का आनंद। मृदा ग्रीन हाउस को कोई आम
किसान भी बना सकता है। क्योंकि यह आसानी से बन सकता है ,जिससे कि किसी विशेषयज्ञ की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसमें मिट्टी का उपयोग होने के कारण यह पानी की बचत भी करता है क्योंकि यह नमी संरक्षण भी करता है। इसलिए कम पानी वाले क्षेत्रों में भी यह लाभदायक है। इसके भीतर पैदा होने वाले फसलों को कोई जानवर भी हानि नही पहुचा सकता है। इसमें तार के जाले में लगी मिट्टी बहुत कठोर हो जाती है। जिससे कि इसके बारिश में
खराब होने की भी आशंका नहीं रहती। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि फसलों के लिए जरूरी प्राकृतिक रोशनी भी भीतर पहुंच जाए।

LEAVE A REPLY