पीएम मोदी ने किया सरदार पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का उद्घाटन, जानिए इस भव्य मूर्ति की कुछ विशेष बातें

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    गुजरात में पीएम मोदी ने आज दुनिया की सबसे ऊंची 182 मीटर की सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति जिसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नाम दिया गया है का अनावरण कर उद्धघाटन किया. कार्यक्रम में शिरकत होने के लिए गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे थे पीएम मोदी. इस भव्य मूर्ति को नर्मदा नदी के किनारे स्थापित किया गया.
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    यह समारोह सरदार पटेल की 31 अक्टूबर को जयंती के मौके पर आयोजित किया गया. गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा और मुख्य सचिव जे एन सिंह ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की.
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    अभी तक चीन में स्थित स्प्रिंग टेंपल की 153 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा के नाम सबसे ऊंची मूर्ति होने का रिकॉर्ड था. मगर अब सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने चीन में स्थापित इस मूर्ति को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया है. यह भव्य 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ आकार में न्यूयॉर्क के 93 मीटर उंचे ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ से दोगुना है.

    मूर्ति बनाने वाली कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने दावा किया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है जो सिर्फ 33 माह के कम समय में बनकर तैयार हुई है. जबकि स्प्रिंग टेंपल के बुद्ध की मूर्ति के निर्माण में चीन को 11 साल का वक्त लगा.

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है. यह विशाल प्रतिमा की स्थापना भारत के लिए गौरव की बात है. इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है. 

    सरदार  पटेल की यह मूर्ति राम वी. सुतार की निगरानी में हुई है. राम वी. सुतार को साल 2016 में सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. इससे पहले वर्ष 1999 में उन्हें पद्मश्री भी प्रदान किया जा चुका है. इसके अलावा वे बांबे आर्ट सोसायटी के लाइफ टाइम अचीवमेंट समेत अन्य पुरस्कार से भी नवाजे गए हैं.
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    सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में करीब 2,989 करोड़ रुपये का खर्च आया. जिसमे मुख्य प्रतिमा बनाने में1,347 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सभागार केंद्र पर खर्च किये गये. कंपनी के मुताबिक, कांसे की परत चढ़ाने के आशिंक कार्य को छोड़ कर बाकी पूरा निर्माण देश में ही किया गया है.

    सरदार पटेल की वहीं 657 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 15 साल तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च किए किए जाएंगे. 83 करोड़ रुपये पुल के निर्माण पर खर्च किये गये.

    इस स्मारक की आधारशिला  31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इसके लिये बीजेपी ने पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया गया.
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